अपराध पर सख़्ती, पीड़ित पर संवेदना , कुमाऊँ में बदली पुलिसिंग की कार्यशैली
January 30, 2026
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जनहित
नैनीताल: उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शासन की प्राथमिकता केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित है। इसी सोच के अनुरूप कुमाऊँ परिक्षेत्र में पुलिस व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। डायल 112 सेवा को अब केवल आपातकालीन कॉल रिस्पॉन्स तक सीमित न रखकर “पीड़ित संतुष्टि आधारित पुलिसिंग” के रूप में विकसित किया गया है।
कुमाऊँ परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशों पर अब प्रत्येक गंभीर कॉल की वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा की जा रही है। पुलिस कार्रवाई के बाद संबंधित पीड़ित से सीधे फीडबैक लिया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसे न्याय और सुरक्षा का वास्तविक अनुभव हुआ है या नहीं।
हर सूचना पर होगी जवाबदेही
अब डायल 112 पर प्राप्त हर सूचना का रिकॉर्ड और कार्रवाई का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा लापरवाही या हिलाहवाली पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था से पुलिस की जवाबदेही बढ़ी है और आमजन का विश्वास भी मजबूत हुआ है।
गंभीर मामलों पर विशेष निगरानी
सितंबर से 31 दिसंबर 2025 तक हत्या, महिला अपराध, लूट, एससी/एसटी अत्याचार, मानव तस्करी, स्नैचिंग और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े मामलों में विशेष फीडबैक व्यवस्था लागू की गई।
आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में कुल 3432 गंभीर कॉल प्राप्त हुईं, जिनमें महिला अपराध से संबंधित 3016, वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी 87, मानव तस्करी के 216, एससी/एसटी के 14, स्नैचिंग के 76, हत्या के 10 और लूट के 13 मामले शामिल रहे।
फील्ड में दिखा त्वरित एक्शन
हरियाणा से घूमने आई एक महिला के साथ मारपीट की घटना में पुलिस ने तत्परता से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
बाद में फीडबैक कॉल में पीड़िता ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर संतोष जताया।
चम्पावत में सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने घायल को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचित किया।
एक अन्य मामले में 11 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास में हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया।
नशे की लत से जूझ रहे एक युवक को पुलिस की पहल से नशामुक्ति की दिशा में प्रेरित किया गया, जिस पर परिवार ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
भरोसे की ओर बढ़ती पुलिसिंग
आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और पीड़ित की संतुष्टि ही पुलिस कार्यप्रणाली की असली कसौटी होगी।
कुमाऊँ में पुलिसिंग अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, जवाबदेही और विश्वास पर आधारित मॉडल के रूप में विकसित होती दिखाई दे रही है।

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