नैनीताल में अवैध होम स्टे पर होगी सख्त कार्रवाई, मोहल्लों में बनेंगी पॉकेट पार्किंग
July 03, 2026
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शहर
नैनीताल: नैनीताल, 3 जुलाई। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में शुक्रवार को जनहित, पर्यटन, पार्किंग व्यवस्था और भवन निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अध्यक्ष जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अवैध होम स्टे के खिलाफ सख्त कार्रवाई, नैनीताल में पॉकेट पार्किंग निर्माण, हल्द्वानी के चौराहों के सौंदर्यीकरण और भवन निर्माण नियमों को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में नैनीताल शहर में अवैध रूप से संचालित हो रहे होम स्टे पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए आयुक्त दीपक रावत ने पर्यटन विभाग और विकास प्राधिकरण को तत्काल संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सील या चालानशुदा भवनों में संचालित हो रहे होम स्टे को तत्काल बंद कर संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, जिन होम स्टे संचालकों को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद अनुपालन नहीं किया गया है, उनके पंजीकरण निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में नैनीताल शहर में बढ़ते यातायात दबाव और स्थानीय निवासियों की पार्किंग समस्या को देखते हुए नजूल की छोटी-छोटी सरकारी भूमि को चिन्हित कर वहां पॉकेट पार्किंग विकसित करने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि इससे मोहल्ला स्तर पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
बोर्ड बैठक में हल्द्वानी शहर के प्रमुख चौराहों के चरणबद्ध सौंदर्यीकरण का भी निर्णय लिया गया। प्रथम चरण में कुसुमखेड़ा चौराहे को विकसित किया जाएगा, जबकि आगामी चरणों में अन्य चौराहों को भी शामिल किया जाएगा।
भीमताल क्षेत्र में कृषि भूमि उपयोग और स्थानीय निवासियों के नक्शे पास कराने में आ रही समस्याओं पर भी चर्चा हुई। 
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि स्थानीय आवश्यकता के तहत 60 वर्गमीटर तक के सभी नक्शे स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि एक ही परिवार के कई सदस्यों द्वारा व्यावसायिक उद्देश्य से अलग-अलग नक्शे स्वीकृत कराने के प्रयासों को नियम विरुद्ध मानते हुए अस्वीकृत कर दिया गया है।
बैठक में विकास प्राधिकरण में तकनीकी कार्यों को मजबूत करने के लिए आईटी एक्सपर्ट तथा पार्क एवं हरित क्षेत्रों के विकास के लिए हॉर्टिकल्चर एक्सपर्ट की नियुक्ति को भी मंजूरी प्रदान की गई।
आयुक्त ने निर्देश दिए कि भू-स्खलन संभावित क्षेत्रों में भवन निर्माण की अनुमति केवल संयुक्त सर्वेक्षण और भू-वैज्ञानिक की रिपोर्ट के आधार पर ही दी जाएगी। साथ ही पुराने भवनों के पुनर्निर्माण की अनुमति उसी क्षेत्रफल और आयाम में दी जाएगी, जिसमें मूल भवन निर्मित था। अवैध निर्माणों को ध्वस्त किए बिना नए निर्माण की स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
बैठक में नगर निगम हल्द्वानी क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया कि भवन निर्माण पूरा होने के बाद स्वामी को स्वीकृत नक्शे से संबंधित शिलापट्ट या सूचना बोर्ड भवन के बाहर लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
आयुक्त दीपक रावत ने प्राधिकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत मानचित्रों के अनुरूप ही निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए और नियमित स्थलीय निरीक्षण किए जाएं। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के हो रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ सीलिंग सहित सख्त कार्रवाई की जाए तथा अगली बोर्ड बैठक में स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट और फोटोग्राफ प्रस्तुत किए जाएं।


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