श्रीमद्भागवत कथा में गूंजा कृष्ण-गोपी प्रेम और रुक्मिणी विवाह प्रसंग
May 28, 2026
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धर्म
नैनीताल: नैनीताल। नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो उठे। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों के दिव्य प्रेम प्रसंग के साथ रुक्मिणी विवाह का सुंदर वर्णन किया गया। कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों का प्रेम आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है, जो समर्पण, भक्ति और प्रेम का संदेश देता है।
कथा में रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाते हुए कथावाचक ने वर्तमान समय की विवाह पद्धतियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज समाज में विवाह संस्कार दिखावे और फूहड़ता की ओर बढ़ता जा रहा है, जबकि सनातन संस्कृति में विवाह एक पवित्र संस्कार माना गया है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं की पारंपरिक विवाह पद्धति भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों का श्रेष्ठ उदाहरण है।
कथावाचक ने बताया कि कुमाऊंनी विवाह परंपरा में सादगी, संस्कार और वैदिक परंपराओं का विशेष महत्व होता है। यहां विवाह में मात्र चार फेरे और वैदिक वचनों के माध्यम से दांपत्य जीवन की शुरुआत कराई जाती है, जो परिवार, समाज और संस्कृति को जोड़ने का कार्य करता है। 
उन्होंने लोगों से अपनी पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों को संरक्षित रखने का आह्वान भी किया।
कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति एवं श्रद्धा का माहौल बना रहा। कथा के दौरान भजनों और संगीतमय प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर शैलेन्द्र बिष्ट सपत्नीक यजमान रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में गोलूदेवता मंदिर के संस्थापक सदस्य भीम सिंह कार्की, बृजमोहन जोशी, विमल चौधरी, नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल,भुवन बवाड़ी, मनोज जोशी, मंजू रौतेला, सुमन साह, मुन्नी भट्ट, सुमन कार्की, मोहनी राणा सहित अन्य लोगों का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम की आरती में नगरपालिका अध्यक्ष डॉ. खेतवाल एवं भाजपा नेता दिनेश आर्या भी शामिल हुए और कथा का श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।


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