नैनीताल जाम से बेहाल : बैठकों तक सीमित तैयारी, सड़क पर क्यों फेल हो रहा प्रशासन?
May 28, 2026
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शहर
नैनीताल: नैनीताल जाम से बेहाल : बैठकों तक सीमित तैयारी, सड़क पर क्यों फेल हो रहा प्रशासन?
नैनीताल। पर्यटन सीजन शुरू होते ही सरोवर नगरी नैनीताल की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। शहर में लगातार लग रहे जाम, वाहनों की लंबी कतारों और घंटों तक फंसे रहने से स्थानीय लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन हर साल पर्यटन सीजन से पहले ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर बैठकें और बड़े दावे तो करता है, लेकिन उनका असर सड़कों पर दिखाई नहीं दे रहा। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ये तमाम तैयारियां किस काम की, जब एंबुलेंस और दमकल जैसे आपातकालीन वाहन भी जाम में फंसने को मजबूर हैं।
बीते सोमवार को जंगल की आग बुझाने जा रही दमकल विभाग की गाड़ी कोतवाली के समीप लंबे जाम में फंस गई थी। वहीं मंगलवार को मॉलरोड पर लगे जाम में बीडी पांडे अस्पताल से मरीज को लेकर हल्द्वानी जा रही 108 एंबुलेंस करीब आधे घंटे तक फंसी रही। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मरीज की हालत गंभीर होती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।
शहर में रोजाना मॉलरोड, तल्लीताल, मल्लीताल, बारापत्थर और आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।
दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल पहुंचने वाले बच्चे और व्यापारी भी जाम की समस्या से परेशान हैं। वहीं तल्लीताल से मल्लीताल तक मॉलरोड पर चल रहे निर्माण कार्य ने भी यातायात व्यवस्था को और अधिक प्रभावित कर दिया है। सड़क संकरी होने और कार्य के चलते कई बार वाहनों की आवाजाही धीमी पड़ रही है, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को पहले से पता होता है कि पर्यटन सीजन में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, इसके बावजूद पार्किंग, शटल सेवा, ट्रैफिक डायवर्जन और आपातकालीन वाहनों के लिए अलग कॉरिडोर जैसी व्यवस्थाएं समय रहते धरातल पर नहीं उतर पातीं। लोगों का मानना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कैंची धाम यात्रा और वीकेंड पर बढ़ने वाली भीड़ के दौरान स्थिति और भयावह हो सकती है।

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